गुरु तेग बहादुर जयंती

सिख धर्म के नौवें धर्म-गुरु (सतगुरु) तेग बहादुर जी का जन्म बैसाख पंचमी संवत 1678 (1 अप्रैल, 1621) को अमृतसर में गुरु हरगोबिन्द साहिब जी के घर हुआ। गुरु तेग बहादुर जी के जन्मोत्सव को ‘गुरु तेग बहादुर जयंती’ के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर गुरुद्वारों में भव्य कार्यक्रम सहित गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ किया जाता है। अंत: सामूहिक भोज (लंगर) का आयोजन किया जाता है।

गुरु तेग बहादुर जयंती (Guru Tegh Bahadur  in Hindi)

नानक शाही पंचांग के अनुसार साल 2018 में गुरु तेग बहादुर जयंती 18 अप्रैल को मनाई जाएगी।

गुरु तेग बहादुर का जीवन (Life of Guru Teg Bahadur in Hindi)

गुरु तेग बहादुर जी के जीवन की कुछ विशेष बातें निम्न हैं:

* गुरु हर किशन जी ने 30 मार्च 1664 को दिल्ली में ज्योति-जोत समाते समय तेग बहादुर को गुरु पद पर नियुक्त किया था।
* गुरु तेग बहादुर जी को धर्म और आदर्शों के लिए शहीद होने वाले महापुरुषों में गिना जाता है।
* औरंगजेब ने गुरु तेग बहादुर जी को मौत की सजा सुनाई थी क्योंकि गुरुजी ने इस्लाम धर्म को मानने से इंकार कर दिया था। कश्मीरी पंडितों की मदद के लिए गुरु तेग बहादुर जी ने अपने प्राणों की आहुति दी।
* गुरु तेगबहादुर की याद में उनके शहीदी स्थल पर गुरुद्वारा बना है, जिसका नाम गुरुद्वारा शीश गंज साहिब है।




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