फरिश्ते - Farishte
धार्मिक विशेषताएं

फरिश्ते - Farishte

Dharm Raftaar

इस्लामिक धर्म के मुताबिक फरिश्तों को अल्लाह ने मनुष्यों से भी पहले बनाया था। हमारी ही तरह फरिश्ते भी अल्लाह ही के आगे झुकते हैं और हर वक्त उन्हीं के नाम का कलमा पढ़ते हैं। फरिश्ते अल्लाह का संदेश लेकर आते हैं। वह इस दुनिया में अल्लाह की आज्ञाओं का पालन करके इस दुनिया के कार्यों को भी चलाते हैं।

कौन हैं फरिश्ते (Who is Angels) इस धरती और आकाश में बसे हुए फरिश्तों में से कोई फरिश्ता अच्छा या बुरा नहीं होता। ना ही कोई मनुष्य मरने के बाद फरिश्ता बन जाता है बल्कि इन्हें तो अल्लाह ने उसी प्रकार बनाया है जिस प्रकार आदम की कौम को बनाया है।

फरिश्तों का कार्य (Work of Angels)

ऐसा माना जाता है कि हर व्यक्ति के कंधों पर दो फरिश्तों का निवास रहता है जो हमारे अच्छे और बुरे कार्यों का हिसाब-किताब लिखते हैं। कुरआन में फरिश्तों का कई बार जिक्र आया है। इस्लाम में छह ईमान के लेखों में से एक लेख फरिश्तों पर भरोसा करना भी है।