Holi Puja Vrat Vidhi in Hindi | Download PDF । होली पूजा विधि और पूजा विधि 

होली पूजा विधि

रंगों के त्यौहार होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं और खुशी मनाते हैं। संपूर्ण भारतवर्ष में यह त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है लेकिन ब्रज और मथुरा जैसे क्षेत्रों में इसकी छठा अनुपम होती है। हिन्दू धर्मानुसार होली के दिन से ही वसंत ऋतु का आगमन होता है और इस दिन पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। 

होली (Holi)


साल 2018 में 02 मार्च को रंगवाली होली खेली जाएगी। होलिका दहन (Holiak Dahan Muhurat) का शुभ मुहूर्त 01 मार्च को शाम 06:16 से लेकर रात्रि 08:47 तक का है। 

 

पूजा विधि (Holi Puja Vidhi in Hindi)

नारद पुराण के अनुसार होलिका दहन के अगले दिन (रंग वाली होली के दिन) प्रात: काल उठकर आवश्यक नित्यक्रिया से निवृत्त होकर पितरों और देवताओं के लिए तर्पण-पूजन करना चाहिए। साथ ही सभी दोषों की शांति के लिए होलिका की विभूति की वंदना कर उसे अपने शरीर में लगाना चाहिए। घर के आंगन को गोबर से लीपकर उसमें एक चौकोर मण्डल बनाना चाहिए और उसे रंगीन अक्षतों से अलंकृत कर उसमें पूजा-अर्चना करनी चाहिए। ऐसा करने से आयु की वृ्द्धि, आरोग्य की प्राप्ति तथा समस्त इच्छाओं की पूर्ति होती है।


हिन्दू व्रत विधियां 2018


लोकप्रिय फोटो गैलरी