फाल्गुन पूर्णिमा व्रत

पूर्णिमा व्रत हर माह को रखा जाता है। पूर्णिमा के दिन सूर्य उदय से लेकर चांद के दिखाई देने तक उपवास रखा जाता है। हर माह की पूर्णिमा को अलग -अलग विधियों द्वारा भगवान की पूजा की जाती हैं। इस दिन काम देव का दाह किया जाता है।
 
 

फाल्गुन पूर्णिमा व्रत (Falgun Purnima Vrat)
 
वर्ष 2018 में फाल्गुन पूर्णिमा व्रत 01 मार्च को रखा जाएगा।
 


फाल्गुन पूर्णिमा व्रत विधि (Falgun Purnima Vrat Vidhi in Hindi)
 
नारद पुराण के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को सभी प्रकार की लकड़ियों और उपलों को इकट्ठा करना चाहिए। इसके बाद मंत्रों द्वारा अग्नि में विधिपूर्वक हवन करके होलिका पर लकड़ी डालकर उसमें आग लगा देना चाहिए।
 
जब आग की लपटें बढ़ने लगे तो उसकी परिक्रमा करते हुए खुशी और उत्सव मनाना चाहिए। होलिका दहन करते समय भगवान विष्णु और भक्त प्रह्लाद की मंगलकामना और राक्षसी होलिका को भस्म करने के बारे में सोचना चाहिए।
 
 

फाल्गुन पूर्णिमा व्रत विधि (Benefits of Falgun Purnima Vrat in Hindi)

फाल्गुन पूर्णिमा व्रत के दिन जो व्रती पूरे श्रद्धाभाव और विधि- विधान से व्रत रख कर होलिका दहन करता है उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही व्यक्ति पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है।

हिन्दू व्रत विधियां 2018


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