एकभुक्त व्रत

एकभुक्त व्रत पौष माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को रखा जाता है। इस व्रत को बड़ा प्रभावशाली माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्य की पूजा करने का विधान है। इस व्रत में व्रती को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

 


एकभुक्त व्रत विधि (Ekbhukt Vrat Vidhi in Hindi)

नारद पुराण के अनुसार पौष माह शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। सूर्य की पहली किरण को तांबे के लोटे में जल के साथ अक्षत और गुड़ डालकर जल देना चाहिए। इस प्रकार सूर्य देव की पूजा के बाद क्षमता के अनुसार ब्राह्मण को धन, अनाज, वस्त्र आदि दान करना चाहिए। पूरे दिन व्रत रखकर सूर्य देव का ध्यान करना चाहिए।

 

एकभुक्त व्रत फल (Benefits of Ekbhukt Vrat in Hindi)


मान्यता के अनुसार एकभुक्त व्रत सभी दुखों का नाश कर देता है। इस व्रत की महिमा से व्यक्ति जीवन के सभी सुखों को प्राप्त कर मृत्यु के पश्चात सूर्यलोक जाता है। यह व्रत भोग और मोक्ष देने वाला माना जाता है।

हिन्दू व्रत विधियां 2018


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