Ashok Vrat Vrat Vidhi in Hindi | Download PDF । अशोक व्रत और पूजा विधि 

अशोक व्रत

अशोक व्रत आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को रखा जाता है। इस व्रत को शोक रहित तथा धन-संपदा से सम्पन्न करने वाला माना गया है। अशोक व्रत में अशोक वृक्ष की पूजा की जाती है।

 


अशोक व्रत विधि (Ashok Vrat Vidhi in Hindi)

नारद पुराण के अनुसार आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को प्रातः उठकर संभवतः नदी में स्नान करना चाहिए। विधिपूर्वक अशोक वृक्ष की पूजा करके उसकी परिक्रमा करनी चाहिए। पूजा के बाद दिन भर उपवास रखना चाहिए।

बारह वर्षों तक इसी प्रकार व्रत रखने के बाद सोने का अशोक वृक्ष बनाकर अपने गुरु को दान देना चाहिए। इस प्रतिपदा से ही नवरात्र व्रत का आरंभ कर कलश स्थापना करनी चाहिए तथा पूरे विधि विधान से देवी की पूजा करनी चाहिए।

 


अशोक व्रत फल (Benefits of Ashok Vrat in Hindi)

अशोक व्रत को 12 वर्षों तक विधिपूर्वक करने से व्यक्ति इस संसार के सभी सुखों को प्राप्त करता है। इस व्रत को पापों का नाश करने वाला और शिव लोक का सुख देने वाला माना जाता है।

हिन्दू व्रत विधियां 2018


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