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रक्षाबंधन

हिन्दू पंचांगानुसार श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन (Raksha bandhan Muhurat) का त्यौहार मनाया जाता है। यह त्यौहार भाई-बहन का एक-दूसरे के प्रति स्नेह, प्यार और अटूट विश्वास का प्रतीक है।

 

रक्षाबंधन (Rakshabandhan)

वर्ष 2018 में रक्षा बंधन का त्यौहार 26 अगस्त (Rakhi Festival) को मनाया जाएगा।

 

राखी बांधने का शुभ समय (Raksha Bandhan Muhurat)

हिन्दू पंचांग के अनुसार श्रावण पूर्णिमा यानि रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ समय सुबह 05:59 मिनट से लेकर रात्रि 05:25 मिनट तक का है। (नोट: मुहूर्त दिल्ली समयानुसार हैं।)

 


विधि विधान (History and Vidhi of Raksha Bandhan)

भविष्यपुराण के अनुसार इस दिन राजा को मन्त्रों आदि द्वारा अपने दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र बंधवाना चाहिए। समय के साथ और पौराणिक गाथाओं के चलन के साथ यह त्यौहार अब भाई-बहन के त्यौहार का प्रतीक बन गया है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, उसके माथे पर तिलक लगाती है और उसकी दीर्घायु और प्रसन्नता के लिए ईश्वर से कामना करती है।

 

रक्षा का वादा (Promised to protect)

भाई भी इस पवित्र बंधन के मौके पर अपनी बहन की हर स्थिति में रक्षा करने की प्रतिज्ञा का अमूल्य उपहार देता है।

 


रक्षाबंधन रेसिपी

भाई-बहन के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन की मीठास मिठाइयों से बढ़ती है। बाजार की मिलावटी मिठाइयों से अगर आप बचना चाहते हैं तो, चलिए आज हम आपको सिखाते हैं रक्षाबंधन पर घेवर बनाने की रेसिपी।

घेवर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

•   3 कप मैदा

•  1 (ठोस) ग्राम घी

•   3-4 बर्फ के टुकड़े

•   4 कप पानी

•   1/2 कप दूध

•   1/4 चमच्च खाने वाला रंग (पीला)

•   घी (तलने के लिए)

चाशनी के लिए

•   1 कप चीनी

•   1 कप पानी

सजाने के लिए

•   1 चम्मच इलायची पाउडर

•    बादाम और पिस्ता (कटे हुए)

बनाने की विधि

एक बड़े कटोरे में ठोस घी लें और इसमें एक बार में एक बर्फ का टुकड़ा डालें। अब हाथ से तेजी से घी चलाते रहें, अगर लगे तो और बर्फ के टुकड़े भी डालते रहें। जब तक घी सफेद न हो जाए। जब घी क्रीम की तरह हो जाए तो उसमें से बर्फ निकाल दें।

अब एक अलग बर्तन में मैदा, दूध और पानी का पतला मिश्रण तैयार कर लीजिएं। ध्यान रखें कि मैदा में कोई ठोस बुलबुले ना रहें। अब इसमें जो घी की क्रीम आपने पहले बनाई थी उसको भी मिला लीजिएं।

इसके बाद कड़ाही या दूध गर्म करने वाले बर्तन में करीब आधा से कम ऊंचाई तक घी भर कर गर्म कीजिये। जब घी अच्छी तरह से गर्म हो जाए तो उसमें एक कप की सहायता से पतली धार के रूप में मिश्रण को गिराएं। घोल डालने पर घी से उठे झाग ऊपर दिखाई देने लगते हैं।

अब एक-दो मिनट रूके और झाग खत्म होने पर दूसरा चम्मच डालें। अगर आपको घेवर बड़ा बनाना है तो उसमें और मिश्रण डालें वर्ना रूक जाएं। घोल पहले तली में जाता है फिर ऊपर आता है। अगर यह मनचाही आकार में ना आए तो चम्मच या किसी पतली छड़ी से इसे आकार में लाएं।

इसके बाद घेवर को मीडियम आंच पर हल्का ब्राउन होने तक तलें। हल्का ब्राउन होने पर इसे निकाल लें।

अब चीनी की चाशनी बनाएएं। यह काम बेहद आसान है। इसके लिए चार बड़े कप चीनी में दो बड़ा कप पानी डालें। जब इसमें उबाल आने लगे तो चाशनी को चम्मच से लेकर एक बूंद किसी प्लेट में गिराएं। अब इसे उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखें। यह उंगली और अंगूठे के बीच चिपकनी चाहिए और इसमें 2 तार बनने चाहिए। अगर ऐसा होता है तो समझिए आपकी चाशनी तैयार हो गई है।

अब एक प्लेट पर एक कप रखें और कप के ऊपर घेवर को रखें। एक चम्मच की सहायता से चाशनी को घेवर पर गिराएं और अतिरिक्त चाश्नी को नीचे बहने दें। लीजिएं आपका घेवर तैयार है।

इसे आप रबड़ी से सजा कर या ड्राई फ्रूट्स से सजा कर पेश कर सकते हैं। घेवर बनाना थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन कुछेक अभ्यास के बाद यह बेहद आसान लगने लगता है। ध्यान रखें कि अगर आप रबड़ी वाली घेवर बना रहे हैं तो उसे केवल एक या दो दिन ही फ्रीज में रखकर प्रयोग करें। ड्राई फ्रूट्स वाली घेवर कई दिनों तक एयर टाइट डिब्बे में बंद करके रखी जा सकती है। 


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