सोमवार व्रत विधि - Somvar Vrat Vidhi
व्रत विधि

सोमवार व्रत विधि - Somvar Vrat Vidhi

Dharm Raftaar

सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित है। त्रिदेवों में एक माने जाने वाले भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हिन्दू धर्म में सोमवार व्रत का विधान है। माना जाता है कि सोलह सोमवार का व्रत पूरे विधि- विधान के साथ करने से मन की सारी इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं।

सोमवार व्रत विधि (Somvar Vrat Vidhi in Hindi)

नारद पुराण के अनुसार सोमवार व्रत में व्यक्ति को प्रातः स्नान कर शिव जी को जल चढ़ाना चाहिए तथा शिव -गौरी की पूजा करनी चाहिए। शिव पूजन के बाद सोमवार व्रत कथा सुननी चाहिए। इसके बाद केवल एक समय ही भोजन करना चाहिए।

सोमवार का व्रत साधारणतया दिन के तीसरे पहर तक होता है। यानि शाम तक रखा जाता है। सोमवार व्रत तीन प्रकार का होता है प्रति सोमवार व्रत, सौम्य प्रदोष व्रत और सोलह सोमवार का व्रत। इन सभी व्रतों के लिए एक ही विधि होती है।

सोमवार व्रत का फल (Benefits of Somvar Vrat in Hindi)

अग्नि पुराण के अनुसार चित्रा नक्षत्रयुक्त सोमवार से लगातार सात व्रत करने पर व्यक्ति को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। इसके अलावा सोलह सोमवार का व्रत करने से मनवांछित वर प्राप्त होता है। सोलह सोमवार व्रत अविवाहित कन्याओं क़े लिए बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना जाता है।