गणेश चतुर्थी व्रत विधि- Ganesha Chaturthi Vrat Vidhi in Hindi
व्रत विधि

गणेश चतुर्थी व्रत विधि- Ganesha Chaturthi Vrat Vidhi in Hindi

Dharm Raftaar

भाद्रपद मास की शुक्ल चतु्र्थी को अत्यंत शुभ माना जाता है। भविष्यपुराण अनुसार इस दिन अत्यंत फलकारी शिवा व्रत करना चाहिए। साथ ही इस दिन से दस दिनों का गणेश महोत्सव शुरू होता है।

गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त (Ganesh Chaturthi Puja Muhurat in Hindi)

22 अगस्त 2020 को मध्याह्न पूजा का समय दोपहर 11:06 मिनट से लेकर 01 बजकर 42 मिनट तक का है। 

गणेश चतुर्थी पूजा विधि (Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi)

नारद पुराण के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी को विनायक व्रत करना चाहिए। यह व्रत (Ganesh Chaturthi Vrat Vidhi) करने कुछ प्रमुख नियम निम्न हैं: 

* इस व्रत में आवाहन, प्रतिष्ठापन, आसन समर्पण, दीप दर्शन आदि द्वारा गणेश पूजन करना चाहिए। * पूजा में दूर्वा अवश्य शामिल करें। * गणेश जी के विभिन्न नामों से उनकी आराधना करनी चाहिए।* नैवेद्य के रूप में पांच लड्डू रखें। * इस दिन रात के समय चन्द्रमा की तरफ नहीं देखना चाहिए, ऐसा माना जाता है कि इसे देखने पर झूठे आरोप झेलने पड़ते हैं। * अगर रात के समय चन्द्रमा दिख जाए तो उसकी शांति के लिए पूजा करानी चाहिए। 

महाराष्ट्र में गणेश चतुर्थी (Ganesh Puja in Maharastra in Hindi)

वैसे तो गणेश पूजा का जोश संपूर्ण भारत में नजर आता है लेकिन महाराष्ट्र का गणेशोत्सव दुनियाभर में मशहूर है। यहां इसे विनायक चौथ के नाम से भी जाना जाता है। गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ यह गणेश महोत्सव 10 दिनों तक चलता है। इन दस दिनों में महाराष्ट्र का यह आध्यात्मिक रंग देखने लायक होता है। अंतिम दिन विभिन्न घाटों और सागर तट पर गणेश मूर्ति का विसर्जन किया जाता है।