इंदिरा एकादशी कब है और व्रत का महत्व
पर्व

इंदिरा एकादशी कब है और व्रत का महत्व

Dharm Raftaar

हिंदी पंचांग के अनुसार इंदिरा एकादशी व्रत अश्विनी माह के कृष्ण की एकादशी तिथि को रखा जाता है। इस साल 13 सितंबर को इंदिरा एकादशी व्रत पड़ रहा है। मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए रखा जाता है। यमलोक में यमराज जिन पितरों को दंड के रूप में नर्क लोक का कष्ट प्रदान करते हैं, उन्हें इस व्रत के पुण्य से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इंदिरा एकादशी शुभ मुहूर्त -

  • इंदिरा एकादशी रविवार, सितम्बर 13, 2020 को है

  • एकादशी तिथि मुहूर्त - सितम्बर 13, 2020 को 4:13 ए एम(A.M) बजे

  • एकादशी तिथि समाप्त - सितम्बर 14, 2020 को सुबह 3:16 बजे

  • पारण का समय - 14 सितंबर को दोपहर 01 बजकर 29 मिनट से शाम 03 बजकर 59 मिनट तक

इंदिरा एकादशी व्रत का महत्व –

धार्मिक मान्यताओं में ऐसा कहा गया है कि, पितृपक्ष के दौरान पड़ने वाली इंदिरा एकादशी का व्रत हर किसी को करना चाहिए। पितरों को पुण्य प्रदान करने के लिए दान करना चाहिए। इससे उन्हें मोक्ष मिलता है और वे अपनी संतान की सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। जो भी व्यक्ति इस व्रत को करता है वो भी मृत्यु के बाद बैकुंठ धाम जाता है।

इंदिरा एकादशी पूजा कैसे करें –

इंदिरा एकादशी के दिन विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान विष्णु जी से अपने पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। उनके द्वारा किए गए गलत कर्मों के लिए विष्णु भगवान से क्षमा मांगे। पूजा समाप्त होने के बाद पितरों के नाम का श्राद्ध करें। फिर ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दक्षिणा देकर विदा करें। इस दिन व्रत फलाहार के साथ रखा जाता है। अगले दिन पारण कर व्रत को पूरा किया जाता है।