ईश्वर एक है

"एक ओंकार सतनाम" यह मात्र एक शब्द या मंत्र नहीं बल्कि सिख धर्म की मूल धारणा है। सिख धर्म विश्व के कई प्रमुख धर्मों की तरह एकेश्वर में यकीन करता है। सिख धर्म का मानना है कि ईश्वर अकाल और निरंकार है। सिख धर्म के सबसे पावन ग्रंथ में वर्णित है:

"ओंकार, सतिनाम, करतापुरख, निर्भाओ, निरवैर, अकालमूर्त, अजूनी, स्वैभंग"

यह पंक्ति उसी "ओंकार" ईश्वर की तरफ इशारा करती है। सिख धर्म का मानना है कि ईश्वर एक ही और सभी धर्म उसी ईश्वर की विभिन्न रूपों में आराधना करते हैं।

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सिख धर्म के प्रमुख तत्व

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