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केशKesh

केश (Kesh)

लंबे केश रखना सिख धर्म में अनिवार्य माना गया है। यह एक सिख को गुरु की तरह बर्ताव करने की याद दिलाता है। लंबे बाल रखने के पीछे कई धार्मिक और वैज्ञानिक पहलू भी हैं। लंबे बाल जहां एक तरफ सिख समुदाय को भीड़ से अलग पहचान दिलाते हैं वहीं दूसरी तरह लंबे बाल उन्हें कई तरह की बिमारियों से भी बचाते हैं।

सिख धर्म में केशों का महत्व (Importance of Hairs in Sikhism in Hindi)

सिख धर्म में बाल काटने की मनाही होती है। सर के साथ शरीर के किसी भी अंग के बाल नहीं काटे जाते। लंबे बाल रखने के पीछे विभिन्न मान्यताएं निम्न है:

* दशम ग्रंथ के अनुसार बिना केश एक सिख पूर्ण नहीं हो सकता। बालों को पूरी तरह उनके प्राकृतिक रूप में छोड़ दिया जाता है। सर के बालों को ढंकने के लिए पगड़ी का प्रयोग किया जाता है।
* माना जाता है कि लंबे बाल एक सिख को गुरु की तरह व्यवहार करने की प्रेरणा देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरु नानक जी के बाल भी लंबे थे।
* कई सिख मानते हैं कि लंबे बाल आध्यात्मिक ध्यान में बेहद कारगर साबित होते हैं।

लंबे बालों के पीछे वैज्ञानिक पहलू (Scientific Reason Behind the Long Hair in Hindi)

* लंबे बाल रखने के पीछे कई लोगों का यह तर्क भी होता है कि मानव मस्तिष्क बेहद कोमल होता है जिस पर वातावरण और सूर्य की रोशनी आदि का बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना होती है। लंबे बाल इस बुरे प्रभाव से बचाते हैं।
* साथ ही कई जानकार मानते हैं कि कंघे से चोटी बनाते समय बाल से सिर पर जो खिंचाव होता है वह एक्यूप्रेशर का काम करता है।

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सिख धर्म के प्रमुख तत्व