गुरु पर्व

सिख धर्म के संस्थापक व प्रथम गुरु नानक देव जी के जन्म के उपलक्ष्य में गुरु पर्व मनाया जाता है। गुरु नानक देव जी के जन्मोत्सव की खुशी में गुरु पर्व मनाया जाता है। इसे गुरु नानक जयंती या गुरु नानक प्रकाशोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। गुरु नानक जी का जन्म 15 अप्रैल, 1469 को तलवंडी में हुआ, जिसे अब ननकाना साहिब नाम से जाना जाता है। गुरु पर्व कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता हैं। साल 2016 में 14 नवंबर को गुरु पर्व मनाया जाएगा।

गुरु पर्व पर समारोह (Function of Guru Parva in Hindi)

गुरु पर्व या पुरु परब के 3 सप्ताह पहले से सिख धर्म के लोग भजन कीर्तन करते हुए प्रभात फेरी निकालते हैं। गुरुद्वारों में गुरुग्रंथ साहिब का अखंड पाठ होता है। गुरु पर्व के अवसर पर धर्म-ग्रंथों को सजाया व शबद-कीर्तन किया जाता है। इसके उपरांत निशान साहिब व पंच प्यारों की झांकियां निकाली जाती है तथा सामूहिक भोज अर्थात लंगर का आयोजन किया जाता है।

गुरु नानक जी की शिक्षा (Teachings of Guru Nanak Dev Ji in Hindi)

गुरु नानक देव जन्म से ही ज्ञानशील थे होने के कारण जनता की सेवा कर सदाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही अंधविश्वास, कुरीतियों और मूर्ति पूजन का विरोध कर एकेश्वर का संदेश दिया।

पांच चिन्ह

KaraKirpanKangha

सिख धर्म के प्रमुख तत्व

Narm MargGurbaniFamily
लोकप्रिय फोटो गैलरी