gototop
raftaarLogoraftaarLogoM
Search
BG
close button


RaftaarLogo
sasas
Print PageSave as PDFSave as Image

गुरु पूर्णिमाGuru Purnima

गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima)

सम्पूर्ण भारत में गुरु पूर्णिमा पर्व आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को श्रद्धाभाव व उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। यह पर्व जीवन में गुरु की महत्ता व महर्षि वेद व्यास को समर्पित है। भारतवर्ष में कई विद्वान गुरु हुए हैं, किन्तु महर्षि वेद व्यास प्रथम विद्वान थे, जिन्होंने सनातन धर्म (हिन्दू धर्म) के चारों वेदों की व्याख्या की थी। सिख धर्म में भी गुरु को भगवान माना जाता इस कारण गुरु पूर्णिमा सिख धर्म का भी अहम त्यौहार बन चुका है।

सिख धर्म केवल एक ईश्वर और अपने दस गुरुओं की वाणी को ही जीवन का वास्तविक सत्य मानता है। सिख धर्म की एक प्रचलित कहावत निम्न है:
‘गुरु गोविंद दोउ खड़े काके लागू पांव, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए'।।
 

गुरु पूर्णिमा 2016 (Guru Purnima 2016 in Hindi)

हिन्दू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2016 में गुरु पूर्णिमा पर्व या व्यास पूर्णिमा 19 जुलाई को मनाया जाएगा।

गुरु पुर्णिमा पर्व का महत्व (Importance of Guru Purnima in Hindi)

जीवन में गुरु और शिक्षक के महत्त्व को आने वाली पीढ़ी को बताने के लिए यह पर्व आदर्श है। व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा अंधविश्वास के आधार पर नहीं बल्कि श्रद्धाभाव से मनाना चाहिए। गुरु का आशीर्वाद सबके लिए कल्याणकारी व ज्ञानवर्द्धक होता है, इसलिए इस दिन गुरु पूजन के उपरांत गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। सिख धर्म में इस पर्व का महत्व अधिक इस कारण है क्योंकि सिख इतिहास में उनके दस गुरुओं का बेहद महत्व रहा है। 

Raftaar.in

पांच चिन्ह

सिख धर्म के प्रमुख तत्व