नबी और रसूल

अल्लाह ने जब मनुष्य को बनाया तो उसने उन तक अपना पैगाम पहुंचाने के लिए रसूलों को इस धरती पर उतारा। अल्लाह ने अपनी चार आसमानी किताबें (तौरेत, जब्बूर, इंजील और कुरआन) भी धरती पर रसूलों के द्वारा ही उतारीं। अल्लाह ने रसूलों को इस उद्देश्य से भेजा कि वह धरती पर भटके हुए लोगों को सही रास्ता दिखा पाएं।

रसूल और नबी में अंतर (Difference Between Rasul and Nabi)

अल्लाह ने रसूल और नबी के बीच में अंतर भी बताया है कि रसूल एक नया संदेश या धार्मिक कानून लोगों तक पहुंचाते हैं बल्कि नबी पुराने संदेशों या धार्मिक कानूनों का ही प्रचार करते हैं। इस प्रकार हर रसूल नबी होते हैं लेकिन हर नबी रसूल नहीं होते। इसी प्रकार सभी नबी मनुष्यों में से ही बनाए गए थे।

रसूल और नबियों के कार्य (Rasul and prophet's work)

अल्लाह के भेजे गए कई रसूलों में मौजूद थे कुछ अहम थे, हज़रत इब्राहीम, हज़रत मूसा, हज़रत नूह, अल्लाह के आख़िरी रसूल हज़रत मोहम्मद (सल्ल.) आदि। कुरआन शरीफ में 26 रसूलों के बारे में बताया गया है।

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