कुरान

कुरान इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक है। इसे इस्लाम धर्म की नींव के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि इसे अल्लाह ने फरिश्ते द्वारा हज़रत मुहम्मद को सुनाया था। हज़रत मुहम्मद ने इसे एक किताब का रूप दिया। इस्लाम में विश्वास रखने वाले लोगों का मानना है कि क़ुरान ही अल्लाह की भेजी अंतिम और सर्वश्रेष्ठ पुस्तक है।

क़ुरान (Quran In Hindi)

इस्लाम के अनुसार क़ुरान का संदेश अल्लाह ने अपने फरिश्ते द्वारा मुहम्मद साहब को सुनाया था। इसके बाद उन्होंने इसका प्रचार-प्रसार किया। क़ुरान में 114 अध्याय है, जिन्हें सूरह कहते हैं। हर अध्यय में कुछ श्लोक भी है जिन्हें "आयत" कहा जाता है। क़ुरान में तकरीब 6 हजार आयतें हैं।

क़ुरान के महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts of Quran)

* कुरान को इस्लाम धर्म के नियमों और जीवनशैली की परिचायक या गाइड भी कहा जा सकता है। एक मुस्लमान को अपनी जिंदगी कैसे व्यतीत करनी चाहिए यह कुरान का मुख्य संदेश है।
* कुरान को अल्लाह का संदेश माना गया है इसलिए इसमें अलग से कोई भी संसोधन नहीं किया जाता।
* जिस शख्स को क़ुरान पूरी तरह याद हो उसे हफीज (Hafiz) कहते हैं।
* कुरान के अनुसार अल्लाह अपने संदेशो को फरिश्तों के द्वारा मनुष्य तक पहुंचाता है।
* रमजान के महीने में क़ुरान जरूर पढ़नी चाहिए।
* खुदा की इबादत में कलमा पढ़ना चाहिए।
* कुरान एक बार में नहीं लिखी गई है।
* क़ुरान में अल्लाह को सबसे बड़ा माना गया है। अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत ना करने की बात कही गई है।

धार्मिक पुस्तकें - इस्लाम

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