हदीथ

हदीस इस्लाम धर्म की एक पवित्र किताब है। इस्लाम धर्म के अनुसार कुरान के बाद "हदीस" को ही सबसे पवित्र वस्तु माना गया है। मूल रूप से अरबी में लिखी इस किताब का हिन्दी और उर्दू संग्रह भी प्रकाशित हो चुका है।

कैसे शुरू हुई हदीस का संकलन (History of Hadith)

प्राचीन समय में जिन लोगों के पास "सुन्नत" का ज्ञान यानि कुरान के बारे में जानकारी थी वह उसे लोगों तक पहुंचाने का एक आसान तरीका ढूंढ़ना चाहते थे। इस्लाम के प्रचारकों ने सुन्नतों का संकलन करना शुरू किया और लोगों तक उसे "हदीस" के रूप में पहुंचाया। कई लोग इसे हदीस या हदीथ भी कहते हैं।

हदीस के निम्नलिखित छः संग्रह हैं जिनमें 29,578 हदीसें संग्रहित हैं:-

* सहीह बुख़ारी- संग्रहकर्ता-अबू अब्दुल्लाह मुहम्मद-बिन-इस्माईल बुख़ारी, हदीसों की संख्या-7225 है।
* सहीह मुस्लिम- संग्रहकर्ता-अबुल-हुसैन मुस्लिम-बिन-अल-हज्जाज, हदीसों की संख्या-4000 है।
* सुनन तिर्मिज़ी- संग्रहकर्ता-अबू-ईसा मुहम्मद-बिन-ईसा तिर्मिज़ी, हदीसों की संख्या-3891 है।
* सुनन अबू-दाऊद- संग्रहकर्ता-अबू-दाऊद सुलैमान-बिन-अशअ़स सजिस्तानी, हदीसों की संख्या-4800 है।
* सुनन इब्ने माजह- संग्रहकर्ता-मुहम्मद-बिन-यज़ीद-बिन-माजह, हदीसों की संख्या-4000 है।
* सुनन नसाई- संग्रहकर्ता-अबू-अब्दुर्रहमान-बिन-शुऐब ख़ुरासानी, हदीसों की संख्या-5662 है।

हदीस का महत्त्व (Importance of Hadith)

हदीस में जीवन के हर पहलू से जुड़े सवालों का जवाब है। इस्लाम धर्म को बारीकी से समझने के लिए हदीस महत्त्वपूर्ण है। हदीस केवल मन में उभरने वाले प्रश्नों से छुटकारा ही नहीं दिलाता बल्कि यह इस्लाम धर्म में रुचि को भी बढ़ाता है।

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