ईद-ए-मिलाद 2017

ईद-ए-मिलाद पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के जन्म की खुशी में मनाई जाती है। ईद-ए-मिलाद को "ईद मिलाद-उन-नबी" और "बारहवफात" के नाम से भी जाना जाता है।  वर्ष 2017 में भारत में ईद-ए-मिलाद का त्यौहार "02 दिसंबर" को मनाया जाएगा। इस्लाम धर्म की धार्मिक पुस्तक हदीस में ईद-ए-मिलाद का वर्णन किया गया है।

पैगंबर हज़रत मोहम्मद के कार्य (Prophet Muhammad's Work)

इस्लाम धर्म के प्रचार और इसे सशक्त बनाने में पैगंबर हज़रत मोहम्मद का योगदान अमूल्य माना जाता है। कई लोग मानते हैं कि उन्होंने ही सर्वप्रथम इस्लाम के पांच सिद्धांत रोजा, नमाज, जकात, तौहीद और हज की यात्रा के विषय में लोगों को जानकारी दी। 

ईद मिलद अन-नबी की गतिविधियां

  • रात भर प्रार्थना सभाएं
  • बाड़े बाड़े जलूस निकलना।
  • पैगंबर मुहम्मद के प्रतीकात्मक पैरों के निशान पर प्राथना करना।
  • घरों मस्जिदों और अन्य इमारतों पर और उत्सवपूर्ण बैनर लगाना।
  • मस्जिदों और अन्य समुदायक भवनों में सांप्रदायिक भोजन।
  • मोहम्मद के जीवन कर्म और शिक्षाओं के बारे में कहानियों और कविताएं (नट्स) सुनने के लिए बैठकें।

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