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वसंत पंचमी पूजा विधिVasant Panchami Puja Vidhi

वसंत पंचमी पूजा विधि (Vasant Panchami)

देवीभागवत के अनुसार देवी सरस्वती की पूजा सर्वप्रथम भगवान श्री कृष्ण ने की थी। मान्यतानुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि जिसे वसंत पंचमी (Vasant Panchami) के नाम से जाना जाता है, के दिन विद्यारंभ के शुभ अवसर पर देवी सरस्वती की पूजा करनी चाहिए।

वसंत पंचमी 2017 (Vasant Panchami 2017)

इस वर्ष वसंत पंचमी 01  फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 13 मिनट से लेकर 12 बजकर 34 मिनट तक है। (नोट: मुहूर्त दिल्ली समयानुसार है)।

सरस्वती व्रत की विधि (Vasant Panchami Puja Vidhi in Hindi)

इस दिन मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। प्रात: काल समस्त दैनिक कार्यों से निवृत्त होने के पश्चात मां भगवती सरस्वती की आराधना का प्रण लेना चाहिए। इसके बाद दिन के समय यानि पूर्वाह्नकाल में स्नान आदि के बाद भगवान गणेश जी का ध्यान करना चाहिए। स्कंद पुराण के अनुसार सफेद पुष्प, चन्दन, श्वेत वस्त्रादि से देवी सरस्वती जी की पूजा करनी चाहिए। पूजा के उपरांत देवी को दण्डवत प्रणाम करना चाहिए।

देवी सरस्वती का मंत्र (Devi Sarasvati Mantra)

सरस्वती जी की पूजा के लिए अष्टाक्षर मूल मंत्र "श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा" परम श्रेष्ठतम और उपयोगी है।

विशेष (Important)

देवी सरस्वती की पूजा में श्वेत वर्ण का अहम स्थान होता है। इनको चढ़ाने वाले नैवेद्य व वस्त्र अधिकतर श्वेत वर्ण के ही होने चाहिए।

सरस्वती पूजा के दिन मां शारदा यानि सरस्वती जी की आरती और चालीसा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: 

सरस्वती चालीसा (Saraswati Chalisa in Hindi)

सरस्वती जी की आरती (Saraswati Aarti in Hindi)

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