हिन्दू व्रत विधियां 2017

हिन्दू मान्यतानुसार पूर्णिमा तिथि चंद्रमा को सबसे प्रिय होती है। पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है। पूर्णिमा के दिन पूजा-पाठ करना और दान देना बेहद शुभ माना जाता है। वैशाख, कार्तिक और माघ की पूर्णिमा को तीर्थ स्नान और दान-पुण्य दोनों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

पूर्णिमा व्रत विधि (Purnima Vrat Vidhi in Hindi)

भविष्यपुराण के अनुसार पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्थान पर स्नान करना चाहिए। अगर ऐसा संभव ना हो तो शुद्ध जल में गंगा जल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इस दिन पितरोंक का तर्पण करना शुभ माना जाता है।

पूर्णिमा तिथि प्रात: व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद पूरे विधि-विधान से चन्द्रमा की पूजा करनी चाहिए। चंद्रमा की पूजा करते समय व्यक्ति को इस विशेष मंत्र का उच्चारण करना चाहिए:

वसंतबान्धव विभो शीतांशो स्वस्ति न: कुरु।
गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।

इसके बाद रात्रि में मौन होकर खाना खाना चाहिए। प्रत्येक मास की पूर्णिमा को इसी प्रकार चन्द्रमा की पूजा करनी चाहिए। इससे व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति होती है।

हिन्दू व्रत विधियां 2017

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