मोहिनी एकादशी व्रत विधि

पद्म पुराण के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह व्रत मोह बंधन तथा पापों से मुक्ति दिलाता है। सीता माता की खोज के दौरान भगवान राम ने तथा महाभारत काल में युधिष्ठिर ने मोहिनी एकादशी व्रत (Mohini Ekadashi Vrat) कर अपने सभी दुखों से छुटकारा पाया था।

मोहिनी एकादशी व्रत 2017(Mohini Ekadashi Vrat 2017)

साल 2017 में मोहिनी एकादशी व्रत 06 मई को रखा जाएगा।

मोहिनी एकादशी व्रत विधि (Mohini Ekadashi Vrat Vidhi in Hindi)

मोहिनी एकादशी व्रत करने वाले व्यक्ति को दशमी की रात से ही नियमों का पालन करना चाहिए। एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त यानि सुबह उठकर तिल का लेप लगाना चाहिए या फिर तिल मिले जल से स्नान करना चाहिए। स्नान के बाद लाल वस्त्रों से सजे कलश की स्थापना कर पूजा की जाती है इसके बाद भगवान विष्णु तथा श्रीराम का  धूप, दीप फल, फूलों आदि से पूजन किया जाता है। पूजन के बाद प्रसाद वितरण कर ब्राह्मण को भोजन तथा दक्षिणा देने का विधान है। रात के समय भगवान का भजन तथा कथा का पाठ करना चाहिए।

 

मोहिनी एकादशी व्रत का महत्त्व (Importance of Mohini Ekadashi Vrat in Hindi)

मोहिनी एकादशी व्रत के प्रभाव से सभी प्रकार के पाप तथा दुख मिट जाते हैं। यह व्रत मोह बंधन से मुक्ति दिलाता है। देवी सीता की खोज के दौरान भगवान राम ने तथा महाभारत काल में युधिष्ठिर ने मोहिनी एकादशी व्रत कर अपने सभी दुखों से मुक्ति पाई थी।

हिन्दू व्रत विधियां 2017

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