कुमार व्रत

कुमार व्रत चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी को रखा जाता है। इन दिन विशेष रूप से भगवान षडानन की पूजा की जाती है। यह व्रत उन स्त्रियों के लिए विशेष फलदायी माना जाता है जिन्हें पुत्र की कामना हो।

2016 में कुमार व्रत की तिथि (Kumar Vrat Date 2016)

वर्ष 2016 में कुमार व्रत 12 अप्रैल को रखा जाएगा।

कुमार व्रत विधि (Kumar Vrat Vidhi Hindi)

नारद पुराण के अनुसार चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन व्रती को प्रातः स्नान आदि कार्य पूरा कर लेना चाहिए। बाद में पूजा स्थान की सफाई कर वहां भगवान षडानन की स्थापना करनी चाहिए। विभिन्न प्रकार की पूजा विधि को अपनाते हुए पूरे श्रद्धाभाव के साथ भगवान षडानन की पूजा करनी चाहिए। पूजा समाप्ति के बाद ब्राह्मण को यथा शक्ति वस्त्र, धन, फल अन्न आदि दान करना चाहिए।

कुमार व्रत फल (Benefits of Kumar Vrat in Hindi)

कुमार व्रत बड़ा ही प्रभावी माना जाता है। इस व्रत के पुण्य फल से व्रती को सर्वगुण सम्पन्न और चिरंजीवी पुत्र की प्राप्ति होती है। इसके अलावा भगवान षडानन की कृपा सदा उसके पुत्र पर बनी रही है।

हिन्दू व्रत विधियां 2017

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