gototop
raftaarLogoraftaarLogoM
Search
Menu
BG
close button


RaftaarLogo
sasas
Print PageSave as PDFSave as Image

नवरात्र कलश स्थापना विधिKalash Sthapana

नवरात्र कलश स्थापना विधि (Kalash Sthapana)

 नवरात्र हिन्दुओं का एक पावन पर्व है। नवरात्र की पूजा नौ दिनों तक चलती हैं। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र के आरंभ में प्रतिपदा तिथि को कलश या घट की स्थापना की जाती है। कलश को भगवान गणेश का रूप माना जाता है। हिन्दू धर्म में हर पूजा से पहले गणेश जी की पूजा का विधान है इसलिए नवरात्र की शुभ पूजा से पहले कलश के रूप में गणेश को स्थापित किया जाता है।
 
कलश स्थापना के लिए महत्त्वपूर्ण वस्तुएं (Important Things for Kalash Sthapna)

· मिट्टी का पात्र और जौ
· शुद्ध साफ की हुई मिट्टी
· शुद्ध जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश
· मोली (लाल सूत्र)
· साबुत सुपारी
· कलश में रखने के लिए सिक्के
· अशोक या आम के 5 पत्ते
· कलश को ढकने के लिए मिट्टी का ढक्कन
· साबुत चावल
· एक पानी वाला नारियल
· लाल कपड़ा या चुनरी
· फूल से बनी हुई माला


 
नवरात्र कलश स्थापना की विधि (Kalash Sthapana Vidhi in Hindi)
 
भविष्य पुराण के अनुसार कलश स्थापना के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को शुद्ध कर लेना चाहिए। एक लकड़ी का फट्टा रखकर उसपर लाल रंग का कपड़ा बिछाना चाहिए। इस कपड़े पर थोड़ा- थोड़ा चावल रखना चाहिए। चावल रखते हुए सबसे पहले गणेश जी का स्मरण करना चाहिए। एक मिट्टी के पात्र (छोटा समतल गमला) में जौ बोना चाहिए। इस पात्र पर जल से भरा हुआ कलश स्थापित करना चाहिए। कलश पर रोली से स्वस्तिक या ऊं बनाना चाहिए।
 
कलश के मुख पर रक्षा सूत्र बांधना चाहिए। कलश में सुपारी, सिक्का डालकर आम या अशोक के पत्ते रखने चाहिए। कलश के मुख को ढक्कन से ढंक देना चाहिए। ढक्कन पर चावल भर देना चाहिए। एक नारियल ले उस पर चुनरी लपेटकर रक्षा सूत्र से बांध देना चाहिए। इस नारियल को कलश के ढक्कन पर रखते हुए सभी देवताओं का आवाहन करना चाहिए। अंत में दीप जलाकर कलश की पूजा करनी चाहिए। कलश पर फूल और मिठाइयां चढ़ाना चाहिए।

नवरात्र कलश स्थापना मुहूर्त (Kalash Sthapana Muhurat)

नवरात्र के प्रथम दिन यानि 08 अप्रैल 2016 को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:57 मिनट से लेकर 12:48 मिनट तक का है।
 
नोटः नवरात्र में देवी पूजा के लिए जो कलश स्थापित किया जाता है वह सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का ही होना चाहिए। लोहे या स्टील के कलश का प्रयोग पूजा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

नवरात्र पूजा विधि के लिए क्लिक करें: Navratri Puja Vidhi

दुर्गा जी की चालीसा पढ़ने के लिए क्लिक करें: Durga Chalisa in Hindi

नवदुर्गा के बारें में संपूर्ण जानकारी के लिए क्लिक करें: Navdurga Details in Hindi

Raftaar.in

हिन्दू व्रत विधियां 2017
Vrat Vidhi 2017