अमावस्या व्रत

हिन्दू धर्मानुसार अमावस्या के दिन चंद्रमा की पूजा की जाती है। भविष्यपुराण के अनुसार अमावस्या का दिन पितरों को अत्यधिक प्रिय होता है।

अमावस्या व्रत विधि (Amavsaya Vrat Vidhi in Hindi)

भविष्यपुराण के अनुसार अमावस्या के दिन सुबह उठकर स्नान करना चाहिए। विधिवत पूजा-पाठ करके उपवास रखना चाहिए तथा पितरों का तर्पण करना चाहिए। व्रत की समाप्ति के बाद स्वर्ण की चंद्र प्रतिमा बनाकर उसे वस्त्राभूषण सहित ब्राह्मण को दान कर देना चाहिए।

अमावस्या व्रत फल (Benefits of Amavsaya Vrat in Hindi)

अमावस्या व्रत करने वाला व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो कर चंद्रमा की तरह सुशोभित हो जाता है और जीवन में सम्पूर्ण सुखों को भोगकर अन्त समय में प्राण त्यागकर विष्णु लोक को जाता है। इस दिन पितृ तर्पण और पिंड दान आदि करने वाला व्यक्ति कभी धन-धान्य और संतान से वंचित नहीं रहता है। 

हिन्दू व्रत विधियां 2017

लोकप्रिय फोटो गैलरी