वैष्णो देवी मंदिर

जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में स्थित वैष्णो देवी मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। वैष्णो देवी मंदिर हिन्दू धर्म का एक अहम धार्मिक केन्द्र माना जाता है। वेद-पुराणों में रो इस मंदिर की अधिक चर्चा नहीं है लेकिन उपनिषदों में इनके बारे में विस्तार से चर्चा की गई है।   


 
वैष्णो देवी से संबंधित कथा (History of Vaishno Devi Mandir) 
कथा के अनुसार कटरा नामक एक स्थान पर एक श्रीधर नाम परम भक्त रहा करता था। उसकी कोई संतान नहीं था, जिस कारण वह बहुत दुखी रहता था। 
 
एक बार नवरात्रि की पूजा सम्पन्न करने के लिए श्रीधर ने नौ कन्याओं को भोजन करवाने के लिए बुलाया। नौ कन्याओं में ही देवी भी एक कन्या के रूप में श्रीधर के घर भोजन ग्रहण करने पहुंची। भोजन के बाद सभी कन्याएं वापस घर लौट गईं, परंतु वह दिव्य कन्या नहीं गई। दिव्य कन्या ने श्रीधर को पूरे गांव को भोजन के लिए निमंत्रण देने को कहा। 
 
श्रीधर ने कन्या की बात मानते हुए पूरे गांव को भोजन का निमंत्रण दे दिया और साथ ही भैरोनाथ को भी भोजन का निमंत्रण दिया। इसके बाद सभी गांव वाले जब भोजन पर बैठे तो उस दिव्य कन्या ने एक विशेष पात्र से लोगों को भोजन परोसना शुरू किया। 
 
भोजन परोसते हुए वह कन्या जब भैरोनाथ के पास पहुंची तो उसने भोजन लेने से मना कर दिया तथा मदिरा और मांस की मांग की। इस पर क्रोधित होकर कन्या ने कहा “यह एक ब्राह्मण का घर है, यहां ऐसा भोजन नहीं मिलेगा।” परंतु भैरोनाथ न माना, देवी ने उसकी बुरी मनसा को भांप लिया तथा त्रिकुट पर्वत की ओर चली गई।


 
भैरोनाथ और माता वैष्णो देवी  
भैरोनाथ ने दिव्य कन्या का पीछा किया। नौ माह भटकने के बाद एक दिन भैरोनाथ उस गुफा तक जा पहुंचा जिस गुफा के अंदर माता तपस्या में लीन थी। एक साधु (हनुमान जी) ने भैरवनाथ को समझाया कि “वह महाशक्ति है, कोई साधारण नारी नहीं है” परंतु उसने साधु की बात नहीं मानी। 
 
माता का पीछा करता हुआ भैरोनाथ गुफा में घुसने लगा, माता ने उसे चेतावनी दी परंतु वह नहीं माना। इसके बाद माता ने भैरोनाथ का गला काट दिया, जो एक घाटी में जा गिरा। इसके बाद भैरोनाथ ने माता के दिव्य दर्शन कर उनसे क्षमा याचना की। 


 
भैरोनाथ को माता का वरदान   
 
बाबा भैरोनाथ की क्षमा याचना के बाद माता ने उसे वरदान दिया कि “जो भी मेरे दर्शन के बाद तेरे दर्शन करेगा उसकी सभी मनोकामनाएं मैं पूर्ण करूंगी। माना जाता है कि भैरो बाबा के दर्शन के बिना वैष्णो देवी की पूजा अधूरी मानी जाती है।  


वैष्णो देवी मंदिर के विशेष महत्त्व
हिन्दू धर्म में मान्यता है कि वैष्णो देवी के दर्शन करने से सभी पापों का नाश होता है तथा सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसके अलावा देवी के दर्शन के बाद भैरोनाथ के दर्शन पर देवी बहुत प्रसन्न होती है और अपने भक्तों की प्रार्थना स्वीकार करती हैं।  मां वैष्णो देवी के गुफा में महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती पिंडी रूप में स्थापित हैं। वैष्णो देवी की इस पवित्र यात्रा के दौरान भक्तगण देवामाई, बाण गंगा, चरण पादुका, गर्भ जून गुफा, भैरव मंदिर आदि तीर्थों के भी दर्शन का लाभ उठाते हैं।   

धार्मिक स्थल

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