ईश्वर से डरें नहीं, प्रेम करें और प्रेरणा लें

हिन्दू धर्म में कई देवी-देवताओं का वर्णन है। मान्यतानुसार हमें भगवान ने बनाया है और वही हमारा पालन करता है। हम सभी परमपिता ईश्वर की सन्तान हैं। भगवान कई प्रकार के होते हैं। भगवान शिव को रुद्र तो विष्णु जी को पालक माना जाता है। 


भगवान का चरित्र 

हिन्दू धर्म के अनुसार हमें भगवान से घबराना नहीं चाहिए। जिस प्रकार एक बच्चा अपने माता-पिता से प्रेम करता है और उनसे सीखता है इसी प्रकार हमें भगवान से भी सीखना चाहिए। वह अपने बच्चों को यदि किसी मुसीबत में डालता है तो केवल उनकी परीक्षा लेने के लिए। इसलिए मुसीबत के समय ईश्वर पर गुस्सा करना या अपना मनचाहा काम ना हो पाने पर उससे शिकायत करना सही नहीं है। 


हिन्दू धर्म में कई लोग भगवान शनिदेव से डरते हैं। कहा जाता है भगवान शनि एक क्रूर देव हैं लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं। भगवान शनिदेव कर्मों के अनुसार मनुष्य को फल देते हैं। शेष देवताओं के साथ भी यही बात जोड़ी जाती है। 


पालनहार, समदर्शी, परमपिता

हिन्दू धर्म में मान्यता है कि ईश्वर हमारा पालनहार है और इस धरती व मानव का पालन पोषण वही करता है। ईश्वर समदर्शी, परमपिता, परमात्मा है। उसके लिए उसकी सभी सन्तानें एक समान हैं। 


प्रेरणा का पात्र 

सभी को ईश्वर से प्रेम करना चाहिए और उनके गुणों से प्रेरणा लेनी चाहिए। ईश्वर ने अपने अवतारों द्वारा हमारे सामने जो उदाहरण पेश किए हैं उसका हमें अनुसरण करना चाहिए। 

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