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प्रथम नवदुर्गा: माता शैलपुत्रीShailputri

प्रथम नवदुर्गा: माता शैलपुत्री (Shailputri)

1st Form of Navdurga: नवरात्रों की शुरुआत माँ दुर्गा के प्रथम रूप "माँ शैलपुत्री" की उपासना के साथ होतीहै। शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्मी माँ दुर्गा के इस रूप का नाम शैलपुत्री है।


मां शैलपुत्री का स्वरूप: पार्वती और हेमवती इन्हीं के नाम हैं। माँ का वाहन वृषभ है और इनके दाएँ हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का फूल है।


माँ शैलपुत्री का मंत्र (Mata Shailputri Mantra): माँ शैलपुत्री की पूजा इस मंत्र के उच्चारण से की जानी चाहिए-


वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

वर्ष 2016 में पूजा का दिन (1st Day of Navratri):  चैत्र नवरात्र में मां शैलपुत्री जी की पूजा 08 अप्रैल 2016 को की जाएगी। 
आश्विन शारदीय नवरात्र में माता की पूजा 01 अक्टूबर और 02 अक्टूबर को की जाएगी। 


पूजा में उपयोगी वस्तु: मां भगवती की विशेष कृपा प्राप्ति हेतु षोडशोपचार पूजन के बाद नियमानुसार प्रतिपदा तिथि को नैवेद्य के रूप में गाय का घृत मां को अर्पित करना चाहिए और फिर वह घृत ब्राह्मण को दे देना चाहिए। 


पूजा फल: मान्यता है कि माता शैलपुत्री की भक्तिपूर्वक पूजा करने से मनुष्य कभी रोगी नहीं होता। नवदुर्गा के अन्य रूप जानने के लिए यहां क्लिक करें: Navdurga Details in Hindi
जानिएं नवरात्रों के दौराने कैसे करें मां दुर्गा की पूजा: Navratri Puja Vidhi in Hindi
दुर्गा जी के विशेष मंत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: Devi Durga Mantra in Hindi

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