सीता जी के मंत्र

सीता जी हिन्दू धर्म की देवी है। मान्यता है कि सीता जी साक्षात लक्ष्मी जी का ही अवतार हैं। पतिव्रता स्त्रियों में इनका स्थान सर्वोच्च माना गया है। श्री राम को सीता जी का अद्धिष्ठात देव माना जाता है। सीता जी की पूजा के दौरान इन मंत्रों का उच्चारण करके उन्हें प्रसन्न करें।

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सीता जी के मंत्र

सभी दुखों की समाप्ति तथा घर में सुख शांति लाने के लिए सीता जी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए -

श्री जानकी रामाभ्यां नमः
जय श्री सीता राम
श्री सीताय नमः

Sabhi dukhon ki samapti tatha ghar me sukh Shanti lane ke liye sita ji ke is mantra ka jaap karana chahiye -

Sree janaki ramabhyam namah
jaya sree sita raam
sree sitaya namah

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किसी भी प्रकार के रोग को दूर करने के लिए सीता जी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए -

श्रीराम सांनिध्यवशां-ज्जगदानन्ददायिनी।
उत्पत्ति स्थिति संहारकारिणीं सर्वदेहिनम्॥

Kisi bhi prakar ke rog ko dur karane ke liye sita ji ke is mantra ka jaap karana chahiye -

Shrirama sannidhyavasam - jjagadanandadayini.
Utpatti sthiti sanharakarinim sarvadehinam.

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सीता जी की पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए-

उद्भव स्थिति संहारकारिणीं हारिणीम्।
सर्वश्रेयस्करीं सीतां नतोऽहं रामबल्लभाम्॥

Sita ji ki puja karate samaya is mantra ka jaap karana chahiye-

Udbhava sthiti sanharakarinim harinim.
Sarvaareyaskarim sitam nataham ramaballabham.

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मंत्र

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