करवा चौथ

हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत (Karwa Chauth Vrat) किया जाता है। यह पर्व सुहागिन स्त्रियों के लिए बेहद विशिष्ट माना जाता है। इस दिन विवाहित स्त्रियां पति की लम्बी उम्र और सुखमय दांपत्य जीवन के लिए निर्जला यानि बिना अन्न और जल का व्रत रखती हैं। करवा चौथ को कई जगह करक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। वामन पुराण मे करवा चौथ व्रत का वर्णन किया गया है।

करवा चौथ व्रत 2017 (Karwa Chauth Vrat 2017)

करवा चौथ का त्यौहार पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान आदि जगहों पर विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। साल 2017 (Karwa Chauth 2017) में करवा चौथ का व्रत 08 अक्टूबर, रविवार के दिन रखा जाएगा।

क्या करते हैं करवा चौथ व्रत में (About Karwa Chauth)

करवा चौथ व्रत के दिन विवाहित और सौभाग्यवती स्त्रियां अपने अटल सुहाग, पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं बिना अन्न तथा जल के दिनभर उपवास रखा जाता है।

इसके बाद शाम के समय स्त्रियां चन्द्रमा को अर्घ्य देती है और फिर उसे छलनी से देखती हैं। उसके बाद वे अपने पति के हाथ से पानी ग्रहण कर इस उपवास को पूर्ण करती है।

करवा चौथ के चाँद का महत्व 

ज्यादातर महिलाओं अपने उपवास को खोलने के लिए पहले एक छलनी के माध्यम से चाँद को देखती है और फिर तुरंत अपने पति को देखती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन चंद्रमा को भगवान शिव या भगवान गणेश के प्रतिनिधि माना जाता है हिन्दू धर्म में इन दोनों देवताओं को बहुत सम्मान दिया जाता है। इसलिए, चूंकि औरतें दुल्हन के रूप में सजी होती हैं, और नए दुल्हनों को सीधे परिवार के बड़ों की तरफ देखने पर पबन्धी होती है, इसलिए छलनी का उपयोग किया जाता है छलनी घूंघट के तौर पर देखा जाता है जिससे परम्परा नहीं टूटती।

करवा चौथ में कर्वे का महत्व

'करवा' का अर्थ मिटटी से बना बर्तन जिसमे गेहूं रखी जाती है और 'चौथ' का अर्थ होता है चौथा दिन। करवा चौथ को कृष्णा पक्ष के चौथे दिन (चतुर्थी) को मनाया जाता है। करवा चौथ से कुछ दिन पहले औरतें गोला-अकार मिटटी के बर्तनों को खरीदती है और उनके विभिन्न प्रकार के रंगों से सजाती हैं। इसके इलावा औरतें इन बर्तनों में चूड़िया, परांदे, मिठाई, कपडा, और सजावट का सामान रखती हैं। इसके बाद औरतें एक दुसरे से मिलती हैं और अपने करवों को एक दुसरे को देतीं हैं​।​

करवा चौथ में क्या करें और क्या ना करें 

क्या करें 
व्रत के एक दिन पहले यह सुनिश्चित करें की आपने अच्छे तरीके से पानी पिया है । पानी हमारे जीवन का अमृत है । चूंकि आप अगले पूरे दिन पानी नहीं पियेंगी इसीलिए एक दिन पहले अच्छे से पानी पीले जैसे निम्बू पानी या जों का पानी इत्यादि । इस तरह के पानी में ना सिर्फ विटामिन C होता है जो आपकी प्यास भूजाएगा  बल्कि यह पानी अन्तिओक्षिदेन्त के तौर पर भी काम करता है । ऐसे पानी से व्रत के कारण  रक्त वाहिकाओं में पैदा होने वाले तनाव से भी आराम मिलता है । चीनी का कम से कम प्रयोग करें क्यूंकि इससे न सिर्फ आपके शरीर में शुगर की मात्रा बढेगी, बल्कि इससे आपको भूक भी बहुत लगेगी जिससे व्रत करने में तकलीफ हो सकती है ।                

व्रत से एक रात पहले अच्छा सा खाना खा लें  यह सुनिश्चित करें की खाने में  कार्बोहाइड्रेट की अच्छी मात्रा है क्योंकि कार्बोहाइड्रेट ऊर्जे प्रदान करतें हैं। इसके अलावा, कार्बोहाइड्रेट निरंतर उर्जा को बढाता है क्यूंकि वेह शरीर में ग्लूकोस के रूप में संग्रहीत होता। कार्बोहाइड्रेट का चुनाव ध्यानपूर्वक करें - ज्वार, राई, जई, बाजरा, अम्लान्टह गेहूं जैसे बहुत जटिल कार्बोहाइड्रेट चुनें। इन अनाजों में बहुत सारा फाइबर होते हैं, जिससे यह लंबी अवधि के लिए आपको तृप्त रख सकते है।              

उपवास के दिन सूर्योदय से पहले अच्छे से खाना खा लें यह ध्यान रखे की खाने में फल जैसे की केला संतरा अनार पपीता इत्यादि हों सेब संतरे इत्यादि में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है । सरगी के समय होममेड पनीर खाएं और साथ में रोटी भी खा सकते हैं। ओअट्स में घुलनशील फाइबर होता है। घुलनशील फाइबर पानी के साथ एक जेल बनाता है  जिससे  पेट के खाली होने में देरी लगती है जिससे एक लंबी अवधि के लिए आपको भूक नहीं लगेगी। यह सही इंसुलिन गतिविधि को प्रभावित करेगा और रक्त ग्लूकोज को धीमी गति से जारी करने में मदद करेगा  जिससे लीवर में कार्बोहाइड्रेट का जमा हो सकेगा। लीवर में जमा कार्बोहाइड्रेट मस्तिष्क को ऊर्जा की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करता है, जो हमारे शरीर की कार्य प्रणाली के लिए ज़िम्मेदार है। पनीर एक प्रोटीन स्रोत हैजिसमे कैसिइन की मात्रा अच्छी होती है  जिससे धीरे-धीरे मांसपेशियों में अमीनो एसिड को प्रवाहित होती है । यह कम से कम कुछ घंटों के लिए मांसपेशियों का ध्यान रखेगी। सरगी खाने के बाद ताज़ा निम्बू पानी पियें और ताजे फल और ड्राई फ्रूट्स जैसे खजूर और अंजीर खाएं।            

सरगी के समय खाया गया खाना आपको 4-5 घंटे तक भूक नहीं लगने देगा। व्रत के समय अपने आप को व्यस्त रखे ताकि आपको भूक या प्यास न लगे। हमारा शरीर 48 घंटों के लिए भोजन के बिना कार्य कर सकता है लेकिन गर्म तापमान में पानी के बिना डिहाइड्रेशन बहुत तेजी से हो सकता है।              

व्रत के खोलने के समय तक कुछ महिलाएं ऐसा महसूस कर सकती है की उन्हें भूक नहीं है इसका कारण भूके पेट रहने से मस्तिष्क की गतिविधि में कमी होती है जो की ग्लूकोस की कमी की वजह से होता है। कुछ महिलाओं को बहुत प्यास और भूख लग सकती है जिससे उनके गुर्दों और आँतों पर तनाव पड़ सकता है। बहुत शांत रहें और आप अपने शरीर की खाने और पीने की इच्छा को पढ़ सकेंगे। यहां पानी सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। एक निर्जलित आंत अधिक एसिड का उत्पादन करेगा, जिससे आप सुस्त करने लगे गे। पानी पि कर व्रत खोलने की प्रक्रिया का प्रारंभ करें          

व्रत समाप्त होते-होते आपके शरीर में थकावट आ जाएगी क्यूंकि आपके रक्त में ग्लूकोस की मात्रा कम हो चुकी होगी । कुछ सूखे फल खाएं, बादाम का मिश्रण, अखरोट और कुछ बीज जैसे सूरजमुखी के बीज, फ्लेक्ससेड्स, कद्दू के बीज इस समय सही होंगे क्यूंकि इनमे प्रोटीन और मामूली कार्बोहाइड्रेट का अच्छा  संतुलन होता है। भोजन करने से पहले पानी पिलें ताकि आपके शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा बनी रहे। अच्छा यह रहेगा की आप ऐसा भोजन करें जिसमे कार्बोहाइड्रेट हो क्यूंकि यह रक्त प्रवाह में आसानी से और तेज़ी से टूट मिल जाता है।                                      

क्या ना करें
क्यूंकि टनीन और कैफीन से शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा कम हो जाती है इसीलिए अच्छा रहेगा की आप सरगी का खाना खाने के बाद चाय या कॉफ़ी न ले। क्यूंकि आपको सारे दिन पानी नहीं पीना है इसीलिए पेट में पानी की कमी के कारण आपको घबराहट और पेट में जलन हो सकती है। 

करवा चौथ वाले दिन ज्यादा मेहनत वाला काम ना करें क्यूंकि आपका शरीर जमा की गयी उर्जा से चल रहा है और सारा दिन आपको अपने शरीर में उर्जा लाने के लिए भोजन नहीं मिलेगा। ज्यादा शारीरिक गतिविधियों के करने से आपको भूक लगेगी।                                

करवा चौथ वाले दिन ज्यादा तेल वाला खाना सुबह न खाएं क्यूंकि ऐसे खाने से आपको थकावट महसूस हो सकती है।                          

करवा चौथ के व्रत को खोलते समय यह ध्यान रखें की आपका पाचन तंत्र सुबह से विश्राम की स्थिति में है। इसीलिए व्रत खोलते समय ज्यादा भारी भोजन करना सही नहीं रहेगा। भरी भोजन आपके पाचन तंत्र को नुक्सान ही पहुंचाएगा। ऐसा हो सकता है की आपको मीठा खाने की तीव्र इक्च्छा हो। यह इस बात का संकेत है की आपके शरीर में ग्लूकोस की मात्रा कम हो गयी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है की आप मीठा खाना शुरू कर दें। क्यूंकि हो सकता है की आपको इससे शुरुआत में अच्छा महसूस हो किन्तु बाद में आपको तकलीफ हो सकती है।

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