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जन्माष्टमीJanmashtami

जन्माष्टमी (Janmashtami)

हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु जी के पूर्णावतार को ही भगवान श्रीकृष्ण के रूप माना और उनकी पूजा  होती हैं। मान्यता है कि भगवान कृष्ण मानव जीवन के सभी चक्रों (यानि जन्म, मृत्यु, शोक, खुशी आदि) से गुजरे हैं, इसीलिए उन्हें पूर्णावतार कहा जाता है। भविष्य पुराण के अनुसार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी (Janmashtami) तिथि को मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। 

जन्माष्टमी (About Janmashtami in Hindi)
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2017 में जन्माष्टमी 14 अगस्त को है। जन्माष्टमी और कृष्ण जन्म की पूर्ण कथा के लिए क्लिक करे: संपूर्ण कृष्ण जन्म कथा (Krishna Janam Katha)

भगवान कृष्ण का जन्म तो देवकी और वसुदेव के यहां हुआ था लेकिन उनका पालन-पोषण माता यशोदा और नंदबाबा ने किया किया था। मथुरा सहित पूरे भारत वर्ष में यह महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। 

दही हांडी (Dahi Handi on Janmashtami)
भगवान कृष्ण बचपन से ही नटखट और शरारती थे। माखन उन्हें बेहद प्रिय था जिसे वह मटकी से चुरा कर खाते थे।  भगवान कृष्ण की इसी लीला को उनके जन्मोत्सव पर पुन: ताजा रचा जाता है। देश के कई भागों में इस दिन मटकी फोड़ने का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है। जन्माष्टमी पर्व की पहचान बन चुकी दही-हांडी या मटकी फोड़ने की रस्म भक्तों के दिलों में भगवान श्रीकृष्ण की यादों को ताजा कर देती हैं। 

जन्माष्टमी पूजा विधि (Janmashtami​ Puja Vidhi)
जन्माष्टमी पर भक्तों को दिन भर उपवास रखना चाहिए और रात्रि के 11 बजे स्नान आदि से पवित्र हो कर घर के एकांत पवित्र कमरे में, पूर्व दिशा की ओर आम लकड़ी के सिंहासन पर, लाल वस्त्र बिछाकर, उस पर राधा-कृष्ण की तस्वीर स्थापित करना चाहिए, इसके बाद शास्त्रानुसार उन्हें विधि पूर्वक नंदलाल की पूजा करना चाहिए।

मान्यता है कि इस दिन जो श्रद्धा पूर्वक जन्माष्टमी के महात्म्य को पढ़ता और सुनता है, इस लोक में सारे सुखों को भोगकर वैकुण्ठ धाम को जाता है। पूर्ण पूजा विधि के लिए क्लिक करें: जन्माष्टमी व्रत विधि (Krishan Janmashtami Vrat Vidhi)

श्री कृष्ण भक्ति से सराबोर अन्य लिंक्स भी अवश्य पढ़े: 

श्री कृष्ण चालीसा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (Krishna Chalisa in Hindi)
भगवान श्री कृष्ण के मंत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Krishna Mantra in Hindi)
श्री कृष्ण जी की आरती पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (Lord Krishna Aarti in Hindi)
संतान गोपाल मंत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (Santan Gopal Mantra in Hindi)
कृष्ण जी के 108 नाम पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें (108 Names of Lord Krishna in Hindi)

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