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दिवालीDiwali

दिवाली (Diwali)

दिवाली हिन्दू धर्म का मुख्य पर्व है। रोशनी का पर्व दिवाली कार्तिक अमावस्या के दिन मनाया जाता है। दिवाली को दीपावली (Deepawali) के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि दीपों से सजी इस रात में लक्ष्मीजी भ्रमण के लिए निकलती हैं  और अपने भक्तों को खुशियां बांटती हैं। 

साल 2016 में दिवाली (Diwali 2016)
इस साल दीपावली या दिवाली 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी। 


दीपावली पर्व के पीछे कथा (Story of Deepawali in Hindi)
अपने प्रिय राजा श्री राम के वनवास समाप्त होने की खुशी में अयोध्यावासियों ने कार्तिक अमावस्या की रात्रि में घी के दिए जलाकर उत्सव मनाया था। तभी से हर वर्ष दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस त्यौहार का वर्णन विष्णु पुराण के साथ-साथ अन्य कई पुराणों में किया गया है।

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा (Deepawali Pooja Vidhi Hindi)
अधिकांश घरों में दीपावली के दिन लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा की जाती है। हिन्दू मान्यतानुसार अमावस्या की रात्रि में लक्ष्मी जी धरती पर भ्रमण करती हैं और लोगों को वैभव का आशीष देती है। दीपावली के दिन गणेश जी की पूजा का यूं तो कोई उल्लेख नहीं परंतु उनकी पूजा के बिना हर पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए लक्ष्मी जी के साथ विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की भी पूजा की जाती है। 


दीपदान (Deepdan in Hindi)
दीपावली के दिन दीपदान का विशेष महत्त्व होता है। नारदपुराण के अनुसार इस दिन मंदिर, घर, नदी, बगीचा, वृक्ष, गौशाला तथा बाजार में दीपदान देना शुभ माना जाता है। 
मान्यता है कि इस दिन यदि कोई श्रद्धापूर्वक मां लक्ष्मी की पूजा करता है तो, उसके घर में कभी भी दरिद्रता का वास नहीं होता। इस दिन गायों के सींग आदि को रंगकर उन्हें घास और अन्न देकर प्रदक्षिणा की जाती है। 


दीपावली पर्व भारतीय सभ्यता की एक अनोखी छठा को पेश करता है। आज अवश्य पटाखों की शोर में माता लक्ष्मी की आरती का शोर कम हो गया है लेकिन इसके पीछे की मूल भावना आज भी बनी हुई है। 

इन्हें भी पढ़ें :-

दीपावली पूजा विधि जानने के लिए यहां क्लिक करें: Diwali Puja Vidhi in Hindi
लक्ष्मी जी के विशेष मंत्र पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: Laxmi Mantra in Hindi

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