सेंट मेरी चर्च

सेंट मैरी चर्च चर्च (Saint Mary Church) को चिरथल्ला मुट्टम सेंट मैरी फैरोना चर्च के नाम से भी जाना जाता है। चिरथल्ला एक छोटा शहर है जो केरल के एलापुजा नामक जिले में आता है। प्राचीन समय में यह शहर केरल के मुख्य व्यापारिक केंद्रों में से एक था। माना जाता है कि इस शहर को ज्यूस लोगों ने बसाया था।


चर्च का इतिहास (Brief History of Church)
इस चर्च का स्थापत्य पुर्तगाली शैली में किया गया था। कहते हैं कि सबसे पहले संत थॉमस केरल में यीशु के संदेशों का प्रचार-प्रसार करने आए थे। उन्होंने ही सबसे पहले केरल में सात चर्चों की स्थापना की थी। उसके बाद ईसाई धर्म में विश्वास करने वाले लोगों की संख्या बढ़ने लगी और उन्होंने आसपास के क्षेत्रों में भी चर्च स्थापित कर लिए। चिरथल्ला में बनाया गया मुट्टम चर्च उनमें से ही एक है।


चर्च के बारे में (About the Church in Hindi)
चर्च के अंदर स्थापित मदर मैरी की मूर्ति फ्रांस से मँगवाई गई थी। मूर्ति में मदर मैरी के अद्भुत स्वरूप को उकेरा गया है। सेंट मैरी मुट्टम चर्च मदर मैरी के उन चुनिंदा चर्चों में से एक है, जहाँ हर धर्म के लोग मदर मैरी की पूजा अर्चना करने आते हैं। इस चर्च की मान्यता है कि यहां स्थापित अमलोलभव माता अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं और उन्हें दुःख-दर्द से दूर रखती हैं।

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