सेंट फ्रांसिस चर्च

सेंट फ्रांसिस चर्च (St. Francis Chruch) भारत में पहला यूरोपियन चर्च है जो कि पुर्तगाल के संरक्षक संत सैंटो एंटोनियो को समर्पित है। सेंट फ्रांसिस चर्च परेड रोड पर मत्तनचेरी इलाके में 2 किमी दूर पश्चिम की ओर स्थित है। यह चर्च एक ऐतिहासिक स्मारक के तौर पर बहुचर्चित है।

प्राचीन इतिहास (History of the Church in Hindi)

इस प्राचीन चर्च का इतिहास 15वीं से 20वीं ईस्वी के बीच भारत में मौजूद यूरोपीय शक्तियों के औपनिवेशिक संघर्ष को दर्शाता है। यह चर्च मूल तौर पर पुर्तगालियों द्वारा सन 1503 में किले के भीतर लकड़ी से बनवाया गया था जो कि सेंट बार्थोलोम्यू को समर्पित था। 1516 ईस्वी में नए चर्च को पूरा कर लिया गया और इसे सेंट एंटोनियो को समर्पित किया गया।

प्रोटेस्टेंट डच ने सन 1663 में कोच्चि पर कब्जा कर लिया और मौजूदा चर्च को अपने सरकारी चर्च में तब्दील कर लिया और 1779 ईस्वी में चर्च में कुछ पुनर्निर्माण भी कराए। सन 1804 ईस्वी में डच ने स्वयं इच्छा से इस चर्च को एंग्लिकन कम्यूनियन यानि अंग्रेजों को सौंप दिया। ऐसा माना जाता है कि एंग्लिकन ने इस चर्च का नाम सेंट फ्रांसिस के नाम पर बदल दिया।

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