मलयात्तूर चर्च

कोच्चि से 52 किलोमीटर दूर स्थित मलयात्तूर चर्च 609 मीटर ऊंची मलयात्तूर हिल के ऊपर स्थित है। मलयात्तूर चर्च (Malayattoor Chruch) सेंट थॉमस को समर्पित है। सेंट थॉमस जो कि यीशु मसीह के बारह प्रेरितों में से एक थे को यहां मलयात्तूर में दो चर्च समर्पित हैं।

मलयात्तूर चर्च का इतिहास (History of the Church)

मलयात्तूर चर्च कुरीसुमुडी पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। इस चर्च की इमारत रोमन स्थापत्य कला से पूर्ण है लेकिन यहां का अल्तार यूनानी शैली में है। इस चर्च में सेंट थॉमस की एक आदमकद प्रतिमा और एक चट्टान पर उनके पैरों की छाप मौजूद है। यहां मौजूदा अल्तार के पीछे प्रभु यीशु मसीह के चित्र नक्काशीदार डिजाइन से खुदे हुए हैं।

मलयात्तूर चर्च के बारे में (About the Malyattor Church in Hindi)

ऐसा माना जाता है कि केरल में ईसाई धर्म सेंट थॉमस द्वारा लाया गया था। तीनों अंगों में विभाजित इस चर्च में स्वीकारोक्ति और आराधना के लिए अलग से सुविधाएं भी हैं। यहां एक प्राचीन बपतिस्मा तालाब और एक पारंपरिक व्यासपीठ भी है जिसे ऐतिहासिक प्रासंगिकता प्राप्त है। यह भारत में पहला ऐसा तीर्थ स्थल है जिसे वैटिकन सिटी की आधिकारिक सीट से अंतरराष्ट्रीय दर्जा प्रदान किया गया है।

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