निर्गमन किताब

निर्गमन किताब को 1440 और 1400 ईसा पूर्व के बीच लिखा गया था। कई जगह इसे बाइबल के प्रथम खंड के रूप में भी वर्णित किया गया है। निर्गमन शब्द का अर्थ प्रस्थान करना होता है। इस किताब में “मूसा” नामक पात्र के जीवन की घटनाएं हैं जो मिस्र के इस्त्राएल से संबंध रखता है। वह इस्त्राएलियों के मसीहा के रूप में उभरता है। ईसाई धर्म के अनुसार मूसा ईश्वर के दूत थे। 

एक्सोडस की रूप रेखा (Important Chapters of Exodus) 

निर्गमन या एक्सोडस में इस्राएलियों के इतिहास की अनेक घटनाओं के बार में वर्णित किया गया है। इस किताब के तीन मुख्य भाग हैं: 

• इस्राएलियों को दासत्व से निजात पाना और सीनै पर्वत तक यात्रा करना। 
•सीनै पर्वत पर परमेश्वर ने अपने लोगों में वाचा बाँधा जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें जीवन में नैतिक, सामाजिक और धार्मिक नियम प्राप्त हुए। 
• इस्राएलियों के लिए आराधना करने के स्थान को निर्मित और सुसज्जित करना। साथ ही परमेश्वर की आराधना से सम्बन्धित सभी नियमों को प्राप्त करना। 

इस किताब में यह भी दर्शाया गया है कि परमेश्वर ने किस तरह से अपने लोगों को दास प्रथा से निजात दिलवाई और आगे भविष्य के लिए एक जाति के रूप में इन सभी को संगठित किया गया। इस किताब के 20वें अध्याय में ईसाई धर्म के बेहद प्रसिद्ध दस आज्ञाओं का वर्णन भी है। 

मूसा (Musa in Christianity)

निर्गमन पुस्तक या एक्सोडस में “मूसा” नामक मानव पात्र की कल्पना की गई है। कहा जाता है कि मूसा को परमेश्वर ने इस्राएलियों की मदद के लिए चुना था।

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