gototop
raftaarLogoraftaarLogoM
Search
Menu
BG
close button


RaftaarLogo
sasas
Print PageSave as PDFSave as Image

साँची का स्तूपSanchi

साँची का स्तूप (Sanchi)

सांची मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक छोटा सा गाँव है। यह स्थान अपने स्मारकों और बौद्ध स्तूपों के लिए प्रसिद्ध है। साँची एक टीले की तराई में स्थित है और बौद्ध स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। सांची के स्तूप बेहद प्राचीन माने जाते हैं। बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए यह पावन तीर्थ माना जाता है।


सांची का इतिहास (History of Sanchi)


महान सम्राट अशोक के शासन काल में बने साँची के स्तूप का बौद्ध धर्म से गहरा संबंध हैं। कई लोग मानते हैं कि खुद यहां कभी भी महात्मा बुद्ध नहीं आएं। लेकिन यहां मौजूद महात्मा बुद्ध के अवशेष इसे महत्वपूर्ण बनाते हैं। प्राचीन काल में सांची को “विदिशागिरी” के नाम से जाना जाता है। यह एक व्यापार केन्द्र था।


कई लोग मानते हैं कि इस जगह पर राजा अशोक को एक लड़की से प्रेम हुआ था। उसी की प्रेरणा से महान सम्राट अशोक ने सांची के सुंदर स्तूपों का निर्माण कराया। साँची के प्रवेश द्वार एवं स्तूपों की वास्तुकला अद्भुत और सुंदर है। यह भारत में सबसे शानदार एवं आश्चर्यजनक बौद्ध केन्द्रों में से एक है।


सांची स्तूपों का महत्व (Importance of Sanchi)


सांची के स्तूप शांति, पवित्रता, धर्म और साहस का प्रतीत माने जाते हैं। सम्राट अशोक ने इस स्थान का निर्माण बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार हेतु कराया था। आज भी इस स्थान का मुख्य आकर्षण बौद्ध भिक्षु और बौद्ध धर्म से जुड़ी चीजें हैं। बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए यह स्थान एक अहम रोल अदा कर रहा है।

Raftaar.in