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बौद्ध धर्म की मुख्य बातेंKey facts of budhism

बौद्ध धर्म की मुख्य बातें (Key facts of budhism)

बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म भारत की श्रमण परम्परा से निकला धर्म है। इसके प्रस्थापक महात्मा गौतम बुद्ध थे। सत्या और अहिंसा के मार्ग को दिखाने वाले भगवान बुद्ध दिव्य आध्यात्मिक विभूतियों में अग्रणी माने जाते हैं। बौद्ध धर्म को मानने वाले भारत समेत दुनिया भर में करोड़ो लोग हैं।

भगवान बुद्ध के अनुसार

धर्म जीवन की पवित्रता बनाए रखना और पूर्णता प्राप्त करना है। साथ ही भगवान बुद्ध ने निर्वाण प्राप्त करना, तृष्णा का त्याग करना और सभी संस्कार को अनित्य बताया है। भगवान बुद्ध ने मानव के कर्म को नैतिक संस्थान का आधार बताया है।

बौद्ध धर्म के आठ शुभ चिन्ह:

श्वेत शंख: श्वेत शंख धर्म की मधुर और संगीतमय शिक्षा को दर्शाता है। यह हर प्रकार के व्यवहार वाले शिष्यों के लिए उपयुक्त है। यह शंख उनको अज्ञानता से उठाकर अच्छे कर्म और दूसरों की भलाई करने की प्रेरणा देता है।

विजयी ध्वज: जीवन में शारीरिक, मानसिक और अन्य गतिरोधों के विरुद्ध पाई गई विजय का प्रतीक है। यह बौद्ध धर्म के सिद्धांतों की विजय का भी प्रतीक है।

स्वर्ण मछली: स्वर्ण मछली सभी जीवों के निर्भय जीवन जीने का प्रतीक है। जैसे मछली निश्चिंत होकर तैरती है, वैसे ही सभी जीवों को निर्भय होकर जीना चाहिए।

पवित्र छत्री: पवित्र छत्री मनुष्यों को बीमारी, विपत्ति और सभी विनाशी ताकतों से सुरक्षित रखने की प्रतीक है। यह तेज धूप से छाया का आनन्द लेने का भी प्रतीक है।

धर्मचक्र: यह बौद्ध धर्म के सभी प्रकार के सिद्धांतों, जिनका भगवान बुद्ध ने अपने उपदेशों में उल्लेख किया है कि, यह निरंतर विकास की ओर इंगित करता है।

शुभ आकृति: शुभ आकृति का चित्रण धार्मिक और भौतिक जीवन के परनिर्भरता का प्रतीक है। यह बौद्ध धर्म के अष्टांगिक मार्ग की ओर भी इंगित करता है।

कमल का फूल: बौद्ध धर्म में कमल के फूल का अत्यधिक महत्व है। यह शरीर, वचन और मन के शुद्धिकरण का प्रतीक है।

शुभ कलश: शुभ कलश दीर्घायु, सुख संपत्ति, आनंद, अनवरत वर्षा व जीवन के सभी सुखों व लाभों का प्रतीक है।

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