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विनय पिताकाVinaya Pitaka

विनय पिताका (Vinaya Pitaka)

बौद्ध धार्मिक पुस्तकों में विनय पिताका एक अहम किताब मानी जाती है। यह बौद्ध धर्म की सबसे प्रमुख किताब "त्रिपिताका" को अहम भाग है। इस किताब का मुख्य विषय बौद्ध भिक्षुओं की जीवनशैली और उसके नियम हैं। 


विनय पिताका का उद्गम (Origin of Vinaya Pitaka) 


विनय पिताका भी भगवान बुद्ध के जीवन के बाद लिखी गई है। हालांकि इसको समय-समय पर संशोधित भी किया गया है। 
भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को "धम्म विनय" कहा जाता है। विनय पिताका में बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धांतों, नियमों, आचार संहिता आदि का वर्णन है। इस किताब की मुख्य शिक्षाएं स्वयं भगवान बुद्ध द्वारा बताई गई है। इसी किताब के आधार पर बौद्ध भिक्षु अपनी जीवन निर्वाह करते हैं। इस किताब को बौद्ध आचार संहिता के रूप में भी देखा जाता है।

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