धम्मपद

Dhammapada- Book of Buddhism


धम्मपद भगवान बुद्ध की नैतिक शिक्षाओं का कवितारूप में विस्तारपूर्वक संग्रह है। यह सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली बौद्ध ग्रंथ है। इसे गीता के समान ही पवित्र माना जाता है। धम्मपद का अर्थ है सत्य का मार्ग। 


धम्मपद का महत्त्व (Importance of Dhammapada) 


इस ग्रंथ में जीवन-मरण, घर-परिवार, समाज, नीति, युद्ध आदि विभिन्न विषयों पर नीति वाक्य लिखें हैं। बौद्ध धर्म में इस ग्रंथ का महत्त्व बेहद अधिक है। बौद्ध साधु अकसर इसी ग्रंथ का प्रयोग अपने प्रवचनों में करते हैं। 


धम्मपद की विशेष बातें 


* धम्मपद में 26 अध्यायों में 423 पद हैं।
* धम्मपद को विभिन्न ग्रंथों से लिया गया है। धम्मपद में विभिन्न भाषाओं की भी प्रयोग है। 
* धम्मपद पुस्तक को थेरवाद और महायान दोनों तरह के बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मान्यताप्राप्त है। 
* श्रीलंका में इस किताब को नवदीक्षित भिक्षुओं के मार्गदर्शन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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