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गौतम बुद्धGautam Buddha

गौतम बुद्ध (Gautam Buddha)

बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुद्ध थे। एक राज परिवार में जन्मे राजकुमार सिदार्थ से लेकर भगवान बुद्ध बनने तक सफर बेहद रोचक रहा। गौतम बुद्ध बौद्ध लुम्बावनी के राजा शुद्धोधन और रानी महामाया के पुत्र थे। इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था। आत्म ज्ञान की प्राप्ति के बाद इन्हें महात्मा गौतम बुद्ध के नाम से जाना जाने लगा।

माना जाता है कि सिद्धार्थ के जन्म से पूर्व ही एक पंडित ने भविष्यवाणी की थी कि “राजा शुद्धोधन का पुत्र या तो महान सम्राट बनेगा या फिर एक महान संन्यासी।

सिद्धार्थ (गौतम बुद्ध) की शिक्षा और उनका परिवार (Family of Gautam Buddha)

सिद्धार्थ के जन्म के पश्चात उनके पिता ने उन्हें एक अच्छा सम्राट बनाने के लिए उचित शिक्षा की व्यवस्था की, परंतु सिद्धार्थ का मन पढ़ाई-लिखाई में नहीं था। इसके बाद राजा शुद्धोधन ने सिद्धार्थ की शादी करवा दी। सिद्धार्थ की पत्नी का नाम यशोधरा और उनके पुत्र का नाम राहुल था।   

सिद्धार्थ (गौतम बुद्ध) का गृहत्याग (Life of Gautam Buddha)

एक दिन राजकुमार सिद्धार्थ का मन दुखी था। अपने मन को शांत करने के लिए वह घूमने निकले। घूमते हुए उनके साथ कुछ ऐसी घटनाएं हुई जिसके कारण उन्होंने घर त्याग कर वैराग्य धारण कर लिया।


भ्रमण के दौरान सिद्धार्थ ने एक बार एक वृद्ध व्यक्ति को देखा जिसके मुंह में दांत नहीं थे, शरीर झुका हुआ था और लड़खड़ाता हुआ चल रहा था। थोड़ी दूर और चलने पर उन्हें एक बीमार व्यक्ति दिखाई पड़ा, जिसका चहरा पिला था वह दूसरों के सहारे चल रहा था तथा बहुत कमजोर था।


सिद्धार्थ इन दोनों के बारे में सोचते हुए थोड़ा और आगे बढ़ें, इस बार उन्हें एक अर्थी दिखाई दी जिसको चार लोग अपने कंधे पर रखे हुए थे और उसके पीछे कई लोग रोते बिलखते हुए जा रहे थे। इन दृश्यों ने सिद्धार्थ को बहुत प्रभावित किया। इसके बाद जब वह अगले दिन सैर पर निकले तो उन्हें एक संन्यासी दिखाई दिया।


इस बार संन्यासी को देख सिद्धार्थ के मन में कई प्रश्न उठे, संन्यासी बहुत प्रसन्न तथा दुनिया की सभी चिंताओं से परे था उसे कोई दुख नहीं था तथा मुख पर एक विचित्र शांति थी। इसके बाद उन्होंने ने भी अपना गृहत्याग कर संन्यास ले लिया।


बौद्ध धर्म के संस्थापक है गौतम बुद्ध (Foundation of Buddhism)

गृहत्याग के बाद वह सत्य की खोज और ज्ञान प्राप्ति के लिए भटकते रहे। इसके बाद वह एक वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्ति हेतु समाधि लगा कर बैठ गए। सात दिन के पश्चात आठवें दिन उनको ज्ञान प्राप्त हुआ तथा उन्होंने बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार किया।


गौतम बुद्ध की प्रमुख शिक्षाएं (Teachings of Gautam Buddha in Hindi)

भगवान गौतम बुद्ध का पूरा जीवन ही एक शिक्षा की तरह देखा जाता है। लेकिन गौतम बुद्ध ने जो मुख्य शिक्षाएं दी वह निम्न हैं:

* एक मुनि के लिए सत्य ही सब कुछ होता है। सत्यनिष्ठ मुनि ही शांत रहते हैं।

* सत्य से बढ़कर जीवन में कुछ नहीं है।

* मनुष्य को सदैव अहिंसा के पथ पर चलना चाहिए।

* पशु बलि और मांसाहार से हमें दूर रहना चाहिए।

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